ग्राम सभा मे जुटे सात गांव के ग्रामीण, 12 बिंदु पर चर्चा कर लिया महत्वपूर्ण निर्णय, स्वास्थ्य , शिक्षा व पेयजल पर रहा फोकस

नितिन रोकडे

बीजापुर —-जिला मुख्यालय के गंगालुर क्षेत्र अंतर्गत आने वाले ग्राम बुर्जी के टोटापारा में आज ग्राम सभा का आयोजन किया गया था । जिसमें लगभग 7 गांव के ग्रामीण सांसों संख्या में एकत्रित होकर 12 बिंदुओं पर चर्चा व अपनी अपनी बात रखी इस दौरान ग्राम सभा के अध्यक्ष मंगल उपाध्यक्ष पन्ड्ररु सचिव पूनम मंगल सदस्य सागर ,सोमर , दसरी, जोशी, मंगल, पांडे ,आदि ग्रामवासी उपस्थित रहे । मेटापाल ,बुर्जी,पुसनार, कावड़गाँव ,हिरगुड़ा,एड्समेटा , पालनार, आदि गाँव से आदिवासी ग्रामीण एकत्रित थे ।

बाक्स — *गांव की समस्याओं पर हुई चर्चा* 12 बिंदुओं में प्रमुखता पेयजल स्कूल स्वास्थ्य केंद्र आंगनबाड़ी को लेकर काफी गंभीरता से चर्चा हुई चर्चा के दौरान ग्रामीणों ने अपनी अपनी बातें रखें जिसमें कहा गया कि हर गांव में आवश्यकता अनुसार शुद्ध पेयजल के लिए पानी की अति आवश्यकता है जिसमें गांव गांव के हिसाब से मेटापाल 5 पारा ,बुर्जी में 5 पारा ,पुसनार में 7 पारा ,कावड़गाँव मे 6 पारा,हिरगुड़ा में 5 पारा , एड्समेटा में 6 पारा है । जहां ग्रामीणों को हर मोहल्ले पारा में शुद्ध पेयजल के लिए बोरीग व बोर की अति आवश्यकता पर चर्चा हुई । वही प्राथमिक उप स्वास्थ्य केंद्र हर संकुल अनुसार पुसनार, गोगला, खोला ने की बात आई । गोगला, पुसनार, तमोडी, तोड़का,रेगाड़गट्टा ,में आश्रम,आंगनबाड़ी केन्द्र खोलने की बात किं गई । बेरोजगार युवक एवं युवतियों को जल्द से जल्द नए खोले जा रहे संस्थाओं में नियुक्ति भी दी जाए । बी डी एफ राशन दुकानों में प्लास्टिक चावल देना बंद करें शुद्ध पोस्टिक आहार दें । वन उपज महुआ, इमली ,टोला ,अमचूर ,खरीदने के उचित मूल्य बताएं । तेंदूपत्ता प्रति गड्डी ₹6 किया जाए । मनरेगा तथा अन्य प्रकार के सरकारी कार्य में मजदूरों को ₹350 मानदेय दिया जाए । पंचायतों के नाम पर कार्य योजना चलाकर सरपंच और सचिव भ्रष्टाचार करना बंद करें । आदिवासियों को प्रतिदिन पुलिस फोर्स प्रताड़ित करना गिरफ्तार करना मारपीट करना महिलाओं पर अत्याचार करना हत्या करना बंद करें । ग्राम सभा में पैसा कानून पांचवी और छवि अंकसूची लागू किया जाए । नई पुलिस कैंप और थाना के बदले स्कूल और आश्रम खोले जाएं। बैलाडीला लाल पानी प्रदूषित से होने से क्षेत्र के कई हिस्सा प्रभावित है वह पशुओं को नुकसान पहुंच रहा है उसके लिए उचित व्यवस्था प्रशासन के द्वारा हो ।