रानीताराई महाविद्यालय में प्राचार्य डॉ. अरुण मिश्रा जी के दिशा निर्देशन में राष्ट्रीय सेवा योजना के अंतर्गत, व्यास जी पर केंद्रित गुरु पूर्णिमा कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें रसायन विभाग की सहायक प्राध्यापक श्रीमती आराधना देवांगन ने व्यास जी के जीवनी एवं उनके व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला, उन्होंने अपने वक्तव्य में बताया कि व्यास जी ने महाभारत की रचना कर, कैसे जनमानस में महान विचारों को प्रसारित किया है साथ ही विद्यार्थियों को बताया गया कि प्राचीन काल से ही भारतवर्ष में गुरुकुल की प्रथा रही एवं हमारे देश में गुरुओं को सबसे उच्च स्थान दिया जाता रहा है। कार्यक्रम में डॉ. रेशमी वासनीकर, सहायक प्राध्यापक (वाणिज्य) ने बताया कि वर्तमान में गुरु की भूमिका महत्वपूर्ण है। वर्तमान में गुरुजनो के दायित्व विद्यार्थियों की ओर अधिक बढ़ चुके हैं। आज नई-नई तकनीक का प्रभाव विद्यार्थियों पर नहीं अपितु गुरुओं पर भी पड़ा है। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय की ओर से श्रीमती शगुफ्ता सिद्दीकी, सुश्री भारती गायकवाड एवं सुश्री सीमा वर्मा शामिल रहे। बी.कॉम प्रथम सेमेस्टर से डोमेश्वरी, सरस्वती, वैष्णवी तथा बी.एससी से रंजना,मनीषा, हितेश्वरी आदि ने कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दी।







