पानी निकासी व्यवस्था बंद, खेतों में भर गया पानी, किसानों ने एसडीएम पाटन से लगाई फसल बचाने गुहार पाटन



पाटन ब्लॉक के ग्राम गोड़पेंडरी में किसानों के लिए अपने खेतों में फसल उत्पादन असंभव हो गया है। इसका कारण यह है कि खेत में पूरा पानी रुक जाता है और खेत तालाब जैसा लबालब दिखने लगा है। पानी निकासी की पारंपरिक नाला को एक क्रेशर संचालक द्वारा बंद कर दिया गया है, जिसके कारण पानी जमा हो रहा है। खेत तालाब जैसा बन गया है। परेशान ग्रामीणों और किसानों ने आज एसडीएम पाटन लवकेश ध्रुव को ज्ञापन सौंपकर फसल को बचाने की गुहार लगाई है।

बता दें कि पानी निकासी की व्यवस्था पहले तो थी और किसान खेत पर फसल भी लेते थे, लेकिन पिछले कुछ साल से यहां पर एक क्रेशर पत्थर खदान संचालक के द्वारा पानी निकासी की व्यवस्था को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। ग्रामीणों ने बार-बार पानी निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने की मांग भी की है, लेकिन खदान संचालक की मनमानी के चलते किसान अब फसल नहीं ले पा रहे हैं। इस संबंध में पंचायत के प्रतिनिधियों ने अनुभागीय अधिकारी राजस्व पाटन को ज्ञापन सौंपकर किसानों की पीड़ा को बताया है, जिस पर अब कार्रवाई की उम्मीद जगी हुई है।

घनी आबादी वाले क्षेत्र के काफी करीब क्रेशर और पत्थर का खादान होने से हमेशा जान-माल का खतरा ग्रामीणों को बना हुआ है। पिछले साल ही क्रेशर से पत्थर ब्लास्टिंग के समय दूर एक घर में पत्थर गिर गया और एक व्यक्ति को चोट भी लग गई। इसके बाद भी शासन प्रशासन कोई सुध नहीं ले रहा है। खेतों पर पानी लबालब होने से किसान काफी चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि पूर्व की भांति बारिश का पानी निकल सके, इसके लिए नाला बनाई जाए। हालांकि एक तरफ नाला बना हुआ है, लेकिन दूसरी तरफ पानी निकालने के लिए जहां पर नाला है, वहां पर क्रेशर संचालक के द्वारा गिट्टी और डस्ट पत्थर को डंप दिया गया है और पूरी तरह से नाला को बंद भी कर दिया गया है। इससे किसान परेशान हैं।

इस दौरान जनपद सदस्य दुनेश्वर मानकुर, सरपंच तोरण लाल साहू, उपसरपंच पप्पू गायकवाड, रमेश कुर्रे सहित अन्य मौजूद रहे।