नईदिल्ली।देशभर में खराब मौसम के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 400 से अधिक विमानों को रद्द किए जाने की खबर है। दिल्ली-एनसीआर में यमुना उफान पर है। यूपी, पंजाब समेत कई राज्यों में स्कूलों को बंद करना पड़ा है। पहाड़ी राज्यों में भी मूसलाधार बारिश के बाद बाढ़ के कारण आम जनजीवन पर मार पड़ी है। किस राज्य में कैसा है मौसम? मौसम विभाग ने क्या पूर्वानुमान जारी किया है? किन राज्यों में अलर्ट रहने को कहा गया है?

देश के अधिकांश हिस्से इस समय मूसलाधार बारिश की मार झेल रहे हैं। हिमाचल, उत्तराखंड में भूस्खलन से सड़कें बंद और कई मौतें हुई हैं। दिल्ली-NCR, यूपी, पंजाब, हरियाणा में भी जलभराव से हालात बिगड़े हैं। सेना और एनडीआरएफ राहत में जुटे हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एयरपोर्ट से रवाना होने वाली 400 से अधिक उड़ानों को रद्द करना पड़ा है। कई राज्यों में स्कूलों को बंद करना पड़ा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड जैसे राज्यों में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन के तांडव ने कई जिंदगियां छीन ली है। घर-मकान और दुकानें डूब गई हैं, सड़कें दरियां बन गई हैं और कई राज्यों में स्कूलों में छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं। हजारों लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाकों से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर और हिमाचल समेत आठ राज्यों में अगले दो-तीन दिन बारिश का अलर्ट जारी किया है, जिससे स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
देश में नदियां उफान पर, 21 जगह बाढ़ की स्थिति गंभीर
वहीं केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने बताया कि देश में कई नदियां उफान पर हैं। इसके कारण 21 जगहों पर बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। 33 जगहों पर नदियों का जल स्तर सामान्य से ऊपर चला गया है। सीडब्ल्यूसी की ओर से आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश के अनुमान के बीच देशव्यापी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई है।
यमुना का जलस्तर बढ़ा
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में यमुना का पानी घरों, दुकानों और गलियों में घुस गया है। बुधवार दोपहर 1 बजे पुराने रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर 207 मीटर तक पहुंच गया। हथिनीकुंड बैराज से 1.62 लाख क्यूसेक और वजीराबाद बैराज से 1.38 लाख क्यूसेक पानी और छोड़ा गया है। इससे मजनू का टीला और तिब्बती बाजार, यमुना बाजार से लेकर मदनपुर खादर और बदरपुर तक निचले इलाकों में बाढ़ का पानी घुस गया है। इन इलाकों से अब तक 7,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और 25 जगहों पर बनाए गए राहत शिविरों में रखा गया है। सड़कों पर पानी भर गया है। आम लोगों के साथ ही दुकानदारों को पानी में डूबे घरों और दुकानों में अपने सामान छोड़कर सुरक्षित जगहों पर शरण लेने को मजबूर होना पड़ा है। खाना पकाने की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को बिस्किट और ब्रेड खाकर गुजारा करना पड़ रहा है।
पंजाब आपदाग्रस्त राज्य घोषित
पंजाब के सभी 23 जिलों में 1,200 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में हैं। 3.75 लाख एकड़ कृषि भूमि खासकर धान के खेत पानी में डूब गए हैं। प्रदेश सरकार ने राज्य को आपदा प्रभावित घोषित कर दिया है। सभी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। स्कूल-कॉलेजों में सात सितंबर तक छुट्टियां बढ़ा दी गई हैं। सभी विभागों को अलर्ट पर रखा है। बरनाला में छत गिरने से बुजुर्ग दंपती की मौत हो गई है, जबकि लुधियाना में दो दिन से लापता युवक का शव नहर से मिला है। फिरोजपुर मंडल में 16 ट्रेनें रद्द की गई हैं। रावी नदी में फिर जलस्तर बढ़ने से गुरदासपुर के कई गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है।
हिमाचल में छह की मौत, तीन लापता
हिमाचल प्रदेश में हुई तबाही की बारिश के बीच छह लोगों की मौत हो गई है। तीन लोग लापता हैं और 21 घायल हो गए हैं। बुधवार को रामपुर में चलती बस पर चट्टान गिरने से दो लोगों की मौत हुई। मंडी में मां-बेटे समेत चार और लोगों की मौत हो गई है। कुल्लू में दो लोग मलबे में दब गए। सुंदरनगर के जंगमबाग में मंगलवार रात हुए भूस्खलन में अब तक सात लोगों की मौत हो गई है। इनमें दो परिवारों के पांच लोग हैं। मलबा आने से परवाणू-शिमला फोरलेन बुधवार को काफी समय तक बंद रहा। बिलासपुर में 9 घर ढहे हैं। 16 गोशालाएं भी क्षतिग्रस्त हुई हैं। बुधवार शाम तक प्रदेश में सात नेशनल हाईवे समेत 1,155 सड़कें, 2477 बिजली ट्रांसफार्मर और 720 पेयजल योजनाएं ठप रहीं। खराब मौसम के कारण प्रदेश में 7 सितंबर तक स्कूलों और कॉलेजों को बंद रखने का आदेश दिया गया है।
राजोरी में मकान गिरने से मां-बेटी की मौत
जम्मू-कश्मीर में राजोरी जिले के सुंदरबनी तहसील में एक मकान के गिरने से मां-बेटी की मौत हो गई है। श्री माता वैष्णो देवी के ट्रैक पर बुधवार को फिर भूस्खलन हुआ, लेकिन यात्रा बंद रहने से बड़ा हादसा बच गया। जम्मू के फत्तू कोटली गांव में बाढ़ के पानी में फंसे 44 नागरिकों को सुरक्षित निकाला गया। अनंतनाग में एक पुल के नीचे फंसे 25 खानाबदोश परिवारों को सुरक्षित निकाला गया। कई जगह भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर, श्रीनगर-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग के अलावा मुगल रोड, एसएसजी रोड और सिंथन रोड पर यातायात बंद है। जम्मू संभाग में 5 सितंबर तक सरकारी व निजी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। श्रीनगर से जम्मू आने वाली एक उड़ान को डायवर्ट करके चंडीगढ़ भेजा गया। जम्मू-कटड़ा के बीच डीएमयू को रद्द रखा गया। जम्मू में होने वाली सीए की परीक्षा को स्थगित कर दिया गया है। क्लस्टर विश्वविद्यालय जम्मू में 4 सितंबर को होने वाली परीक्षा अब 15 सितंबर को होगी।






