Weather Update

पश्चिमी विक्षोभों के सक्रिय होने से एक बार फिर मौसम करवट लेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान समेत उत्तर पश्चिम भारत और मध्य भारत में शनिवार से 3 फरवरी तक बारिश होने की संभावना है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी भी हो सकती है। तेज हवाएं भी चलेंगी, जिससे ठंड बढ़ सकती है। कुछ स्थानों पर सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने का भी अनुमान है। 5-7 फरवरी के दौरान एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है जो उत्तर पश्चिम भारत को प्रभावित कर सकता है। शुक्रवार को दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में मौसम साफ रहा, धूप खिली और ठंड थोड़ी कम महसूस की गई।
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, उत्तर पूर्वी ईरान के ऊपर चक्रवाती हवा के झोंके के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 2 फरवरी की रात से और तीसरा तीसरा 5 फरवरी से सक्रिय होने वाला है। इनके प्रभाव से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में 31 जनवरी और 2 फरवरी तक बारिश और बर्फबारी हो सकती है। 1 फरवरी को हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, 1 से 3 फरवरी के दौरान उत्तराखंड, 1 और 2 फरवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश और 31 जनवरी से 1 फरवरी तक राजस्थान में गरज, बिजली के साथ हल्की बारिश और ओलावृष्टि व पहाड़ों पर बर्फबारी होने की संभावना है। इस दौरान कुछ जगहों पर 30-40 किमी प्रति घंटे की गति से हवाएं भी चल सकती हैं।
दिल्ली में बारिश के आसार
दिल्ली-एनसीआर में वीकेंड पर फिर बारिश के आसार हैं। मौसम विभाग ने बारिश और तेज हवाएं चलने का यलो अलर्ट जारी किया है। हिमालय में बन रहे एक और पश्चिमी विक्षोभ के कारण तीन दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान है। दिल्ली में पिछले दो दिनों से बादल छाए हैं। जल्द ही फिर से बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ 31 जनवरी से 2 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में असर दिखाएगा। इससे तीन दिन दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
समुद्री इलाकों में तूफानी हवाओं का खतरा…
मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पूर्व अरब सागर और उससे सटे दक्षिण केरल तट के पास ऊपरी हवा में चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके प्रभाव से कोमोरिन क्षेत्र और मन्नार की खाड़ी में 45 से 55 किलोमीटर प्रति घंटे, और कुछ स्थानों पर 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से तेज तूफानी हवाएं चल सकती हैं। आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में उतार-चढ़ाव भरा मौसम सक्रिय रहने की संभावना है, इसलिए सतर्कता जरूरी






