पाटन। स्वर्गीय दाऊ रामचंद्र साहू शासकीय महाविद्यालय रानीतराई का नया भवन बनकर तैयार हो चुका है और उसका लोकार्पण भी किया जा चुका है, लेकिन विद्यार्थियों को अब तक परीक्षा केंद्र की सुविधा नहीं मिल पाई है। इसके कारण महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को अपनी परीक्षाएं देने के लिए शासकीय चंदूलाल चंद्राकर महाविद्यालय, पाटन जाना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा विश्वविद्यालय से परीक्षा केंद्र की मान्यता दिलाने के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करते हुए लिखित आवेदन भी भेजा जा चुका है। इसके बावजूद अब तक अनुमति नहीं मिलने से आगामी परीक्षाएं भी पाटन केंद्र में आयोजित होने की संभावना जताई जा रही है।
छात्र-छात्राओं का कहना है कि नया भवन उपलब्ध होने और नियमित कक्षाएं संचालित होने के बावजूद परीक्षा देने के लिए दूसरे महाविद्यालय जाना पड़ रहा है। इससे उन्हें आवागमन में समय, धन और अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई विद्यार्थियों को 20 से 25 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ती है।
महाविद्यालय में दुर्ग जिले सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के बड़ी संख्या में विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों और पालकों ने उच्च शिक्षा विभाग तथा विश्वविद्यालय प्रशासन से रानीतराई महाविद्यालय को शीघ्र परीक्षा केंद्र की मान्यता प्रदान करने की मांग की है। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर परीक्षा केंद्र बनने से हजारों विद्यार्थियों को राहत मिलेगी और शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
महाविद्यालय प्रशासन ने भी उम्मीद जताई है कि आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद भविष्य में परीक्षाएं रानीतराई महाविद्यालय में ही आयोजित की जा सकेंगी, जिससे विद्यार्थियों की लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होगा।






