आशीष दास

कोंडागांव/बोरगांव । बारिश की आमद कुछ दिन ही हुआ है है। क्षेत्र में स्थानीय और सीमावर्ती राज्यों से लाए गए अमानक और घटिया बीजों से व्यापारियों के गोदाम में भंडारण हो चुका है। गौरतलब है कि क्षेत्र में बड़े स्तर पर धान, मक्का, दलहन तिलहन की खेती की जाती है। ऐसे में कई अप्रामाणिक बीजों के माफिया ग्रामीण क्षेत्रों में सक्रिय हेैं। चमकीले रैपर और आकर्षक पैंकिंग के साथ फसलों के प्रति एकड़ में बंपर आवक के सब्जबाग दिखाने वाले इन माफिया पर आमतौर पर कृषि विभाग की मेहरबानी रहती ही है। पिछले साल ठगी के शिकार किसानों का कहना है कि विभाग के अधिकारी और कर्मचारी किसानों के हितों का ध्यान न रखकर ऐसे अमानक बीज व्यापारियों को ही सहयोग करते हैं।
नियम कानून को दर किनार कर जिले में धड़ल्ले से अमानक हाइब्रिड बीज, रासायनिक खाद, एवं कीटनाशक की बिक्री हो रही है और वो भी बीना पोश मशीन के। समूचे कोंडागांव के हाट बाजारों व गांव मुहल्लों में धड़ल्ले से बिना लाइसेंस व बिना पीसी और बीना पोश मशीन के अवैध रूप से खाद एवं मिलावटी हाइब्रिड बीज विक्रय करने में व्यापारी जुटे हुए हैं।
कृषि अधिकारियों के अनुसार जिले में कीटनाशक दवा, उर्वरक और बीज बिक्री के लिए सिर्फ 150 से अधिक दुकानदारों का पंजीयन है। जबकि जिले में खाद-बीजों की असंख्य दुकानें चल रही हैं। बगैर लाइसेंस के दुकान संचालक मनमाने कीमत पर किसानों को खाद और बीज बेच रहे हैं, वहीं कई दुकानदारों ने जिले के विभिन्न गांवों में अपने एजेंट रखे हुए हैं।
किराने की दुकान एवं हाट बाजारों में धड़ल्ले से बिक रही है खाद बीज_
किसानों की जरूरतों को देखते हुए जिले भर के हर छोटे-बड़े नगर व गांव में खाद व बीज की दुकानें भी लग चुकी है। दुकानों में हाइब्रिड बीज किसानों को आसानी से मिल रहा है जिससे वे दोगुने से तीन गुने तक उत्पादन का लाभ ले सकते हैं। यही नहीं अत्यंत जहरीले कीटनाशक व रासायनिक खाद से बाजार अटा पड़ा है। विडंबना है कि कृषि विभाग ने जिले में जितने लोगों को खाद-बीज बिक्री के लिए लाइसेंस दिया है। उससे कई गुना ज्यादा दुकानें यहां संचालित हो रही है। रासायनिक खाद व हाईब्रीड बीज सिर्फ सैकड़ों अवैध दुकानों से नहीं बल्कि किराने की दुकान व हाट बाजारों में तिरपाल के नीचे भी खुले में बेचे जा रहे हैं। इस पर निगरानी रखने वाला कोई नहीं है।
नाममात्र की हो रही है कार्रवाई –
अवैध दुकानों के संचालन पर कृषि विभाग ने अभी तक कार्रवाई के नाम पर कुछ ही दुकानों पर कार्रवाई करने की बात सामने आ रही है और बाकी दुकानदारों को समझाइश देते फिर रहे हैं। इसका लाभ व्यापारी व विभिन्न कंपनियों के एजेंट उठा रहे हैं।
शक के दायरे में है विभागीय अधिकारी_
क्षेत्र में विभिन्न नई कंपनियों के खाद-बीज भी आ रहे हैं। कंपनियों के एजेंट गांव गांव दुकानों में जाकर अपना माल बेच रहे हैंं और दुकानदार इसे किसानों को थमा रहे हैं। अवैध रूप से संचालित खाद व बीजों के दुकानों की निगरानी कृषि विभाग नहीं कर रहा है या नाम मात्र का कार्यवाही कर समझाइश देने में जुटे हुए हैं इससे विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर संदेह होना लाजिमी है।
इस बारे में अनुविभागीय अधिकारी कृषि उग्रेश देवांगन से बात करने पर उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय एवं विकास खंड स्तर के निगरानी टीम बन गई है जहां से हमें शिकायत मिल रही है हम वहां जाकर कार्यवाही कर रहे हैं। आगे शिकायत के आधार पर छापामार कार्यवाही जारी रहेगी।






