रायपुर।छत्तीसगढ़ सरकार अब बिना फिटनेस , टैक्स और बिना दस्तावेज के चलने वाले वाहनों पर सख्ती करने की तैयारी में हैं। प्रदेश के सभी नेशनल हाईवे में अब ई-डिटेक्शन सिस्टम शुरू किया जा रहा है , जिससे कि बिना फिटनेस और बिना टैक्स वाले वाहनों के टोल से गुजरने पर ऑटोमैटिक चालान होगा।

सड़क दुर्घटना का एक प्रमुख कारण बिना फ़िटनेस के चलने वाले हैवी गाड़िया है । अनफिट गाड़ियो से होने वाली सड़क दुर्घटना कम करने के लिए प्रदेश में परिवहन विभाग की पहल पर राष्ट्रीय राजमार्गों में ई-डिटेक्शन सिस्टम शुरू किए जा रहे है , जो बिना फिटनेस के वाहनों को डिटेक्ट कर ऑटोमैटिक चालानी कार्यवाही करेगा।
परिवहन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्गों पर चलने वाले ऐसे वाहनों का पता लगाने के लिए परिवहन विभाग ने एनआईसी उड़ीसा के सहयोग से ई-डिटेक्शन पोर्टल विकसित किया है।
ई-डिटेक्शन पोर्टल का उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों पर विभिन्न टोल नाकों से गुजरने वाले वाहनों का डेटा एकत्र करना है। पहले चरण में एनएच पर टोल गेट्स को ई डिटेक्शन पोर्टल से जोड़ा गया है। बाद में खनन और औद्योगिक क्षेत्रों से भी एएनपीआर कैमरे के मदद से डेटा एकत्र किया जाएगा। इस हेतु भी कार्यवाही शुरू कर दी गई है ।
गाड़ियों की जानकारी को फास्टैग के माध्यम से प्राप्त किए गए डेटा से एकत्र किया जाएगा और जब कोई वाहन टोल गेट से गुजरेगा तो उसकी तस्वीरें ली जाएंगी। जिस वाहन के पास कानूनी रूप से आवश्यक वैध दस्तावेज नहीं होंगे उसका ई-डिटेक्शन पोर्टल द्वारा स्वचालित रूप से चालान किया जाएगा। चालान एसएमएस के माध्यम से वाहन स्वामी के मोबाइल में भेज दिया जाएगा और जब तक वाहन स्वामी के द्वारा उस चालान का भुगतान नहीं कर दिया जायेगा तब तक उस गाड़ी से संबंधित समस्त कार्य सभी आरटीओ में प्रतिबंधित रहेंगे।
वाहन मालिकों से अपील की गई है कि सड़क में वाहन चलाने से पहले गाड़ी के समूर्ण आवश्यक दस्तावेज को अप-टू-डेट करा ले। सभी दस्तावेज पूर्ण होना स्वय और सड़क में चलने वाले अन्य सभी लोगो के सुरक्षा के लिये आवश्यक है।
परिवहन आयुक्त दीपांशु काबरा द्वारा वाहन स्वामियों से अपील की गई है कि वे फिटनेस, टैक्स, बीमा और पीयूसी के जुर्माने से बचने के लिए वाहन के दस्तावेज अप-टू-डेट रखें






