नगपुरा।महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए चैतन्य वाइज संस्था द्वारा बिहान के साथ मिलकर जिले के हर ब्लॉक मे जेंडर रिसोर्स सेंटर बनाया जाना है जहाँ हिंसा सम्बंधित मामलों मे परामर्श देने का कार्य किया जाएगा। साथ ही इसके तहत बिहान की महिलाओं को महिला उत्पीड़न से संबंधित मामलों को समझने और उन्हें सुलझाने की प्रक्रिया मे कई माह तक अलग अलग विषयों पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर न केवल कानूनी और सामाजिक पहलुओं को समझा, बल्कि पीड़ित महिलाओं को सहयोग व परामर्श देने के तरीके भी सीखे। ।
प्रशिक्षण के प्रमुख विषयों में शामिल थे:
*महिला उत्पीड़न के प्रकार – मानसिक, शारीरिक, आर्थिक व सामाजिक
*शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया व सहायता केंद्रों की जानकारी
*कानूनी अधिकार
*पीड़ित महिलाओं को काउंसलिंग देना और सही दिशा में मार्गदर्शन
*समुदाय में जेंडर समानता लाने जागरूकता फैलाने की रणनीति
“यह प्रशिक्षण महिलाओं को न केवल अपने लिए, बल्कि अन्य महिलाओं के लिए भी न्याय की लड़ाई लड़ने में सक्षम बनाएगा।”
प्रशिक्षण के बाद प्राप्त प्रशिक्षण पर परीक्षा का भी आयोजन किया गया जिसमे महिलाओं द्वारा अच्छा प्रदर्शन किया गया। इसी के तहत उनका मनोबल व उत्साह बढ़ाने परीक्षा मे उत्तीर्ण महिलाओं को सर्टिफिकेट वितरित किया गया। इस अवसर पर नगपुरा कलस्टर की दीदियाँ, कलस्टर PRP राजेश्वरी साहू, चैतन्य संस्था दुर्ग से जेंडर समानता एवं सामाजिक समावेशन समन्वयक सृष्टि मिश्रा उपस्थिति रही। साथ ही छत्तीसगढ़ राज्य समन्वयक सुधा कड़व,राज्य समन्वय योगिता झिलपे व जिला समन्वयक सुनीता अहीर का विशेष योगदान रहा।
एक प्रतिभागी ने अपनी प्रतिक्रिया में बताया,
“पहले हमें डर लगता था, अब हम समझते हैं कि चुप रहना भी अन्याय को बढ़ावा देना है। हमें गर्व है कि हम अब अन्य महिलाओं के लिए आवाज़ उठा सकते हैं।”
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम नारी शक्ति को सामाजिक बदलाव की ओर प्रेरित करने में एक सशक्त पहल के रूप में देखा जा रहा है। ताकि अधिक से अधिक महिलाएं सशक्त बन सकें और अन्याय के खिलाफ आवाज़ उठा सकें।







