

कोंडागांव/लंजोड़ा । रसोई गैस के बढ़े दामों से लंजोड़ा क्षेत्र के महिलाओं में नाराजगी साफ नजर आ रही है। खासतौर से गरीब व मध्यम वर्ग के महिलाओं में गैस के दाम बढ़ने से जबरदस्त आक्रोश है। महिलाओं का कहना है कि एक तो पहले से ही जरूरत की चीजें महंगी हो रही हैं। अब गैस सिलेंडर के दाम बढ़ने से घर का खर्च चलाना काफी मुश्किल हो गया। खाद्य सामग्री सहित सब्जियों की कीमते भी आसमान छू रही है ऐसे में रसोई का बजट बिगड़ गया। बुधवार को बढ़ी हुई गैस की कीमतों को लेकर लंजोड़ा क्षेत्र की महिलाओं ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सिलेंडर लेकर पंचायत भवन लंजोडा के सामने प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
जिसमें ग्राम लंजोड़ा की गृहणी आशा रंगारी ने बताया कि रसोई गैस के दाम बढ़ने से आर्थिक स्थिति का कमजोर होना स्वाभाविक है। एक तो खाद्य सामग्री की महंगाई कमर तोड़ रही है उसमें गैस की बढ़ रही कीमत काफी परेशानी में डाल रही है। बढती कीमतों से खासकर मध्यम वर्गीय वह गरीब परिवार काफी प्रभावित होगा। जब 450 में गैस सिलेंडर मिलता था, अब तो इसका दाम बढ़कर एक हजार के ऊपर हो गया। इससे रसोई घर का जायका ही खराब हो गया। खासकर ऐसी महिलाएं जो किसी तरह कम आमदनी में परिवार चलाती है,उनको यह बढ़ी हुई दर परेशानी में डाल दी।
मध्यम वर्ग के लोग चाहकर भी गैस का इस्तेमाल नहीं रोक पाएंगे तथा उनकी परेशानी बढ़ जाएगी। ताराबाई तुरकर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया कि रसोई गैस के बढ़ते दाम से अब महिलाओं को घर चलाने में काफी मुश्किल होगी। घरेलू गैस की कीमत बढ़ने से खाद्य सामग्री व राशन के सामान का महंगा होना तय है। ऐसे मेंं एक गरीब व मध्यम परिवार की महिलाओं को अपना घर चलाने में काफी दिक्कत हो रही है। उज्जवला योजना के तहत जो गरीब तपके की महिलाएं गैस का प्रयोग कर रही थी वह फिर से लकड़ी पर खाना बनाने के लिए मजबूर होंगी।
जुल्लु खान बताती है कि रसोई गैस की बढ़ती कीमत का सीधा असर हमारे जैसी गरीब व कमजोर आय वाली महिलाओं पर पड़ा। अब परिवार चलाना मुुश्किल हो गया। गैस पर खाना बनाने में परेशानी हो रही है। अब हमारे जैसी महिलाएं चूल्हे पर लकड़ी से खाना बनाने को मजबूर होंगी।
इस दौरान मुख्य रूप से तुमेश्वरी साहू, हर्षा डोंगरे, प्यारी, अमिता रंगारी, बेबी रंगारी, फूलबत्ती, अनसूया, गंगा, वेदबत्ती, पार्वती निषाद, आशा रंगारी, संगीता तुरकर, रम्भा निषाद, गंगा निषाद, विद्या तुरकर, ताराबाई तुरकर, गणेश्वरी रंगारी, वेदोबाई तुरकर, सोमेश्वरी साहू, अनसूईया सेन, अमीषा रंगारी, नर्मदा रंगारी अमिता रंगारी, फरसाबाई सहित भारी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।






