छाटा में लकड़ी कटाई मामला, पटवारी ने सौपा रिपोर्ट, एसडीएम जारी करेगा नोटिस, लकड़ी कटाई मशीन व 3 नग टंगिया जप्त, राजस्व विभाग अब बड़ी कार्रवाई की तैयारी में

बलराम यादव/ 9893363894

पाटन। ग्राम छाटा के नरवा व स्टॉप डेम में स्थित बड़े बड़े कौहा का पेड़ को अवैध रूप से कटाई का मामला अब बढ़ता ही जा रहा है। पटवारी के प्रतिवेदन जमा करने के बाद अब एसडीएम पाटन विपुल गुप्ता नोटिस जारी कर बड़ा कार्रवाई करने वाले है। सरपंच कोटवार व पटवारी द्वारा मौके से जप्त किये एक लकड़ी काटने की मशीन व 3 नग कुल्हाड़ी को भी अभी जप्ती का ही निर्देश दिया गया है। बता दे कि ग्राम छाटा मे गाड़ाडीह के एक आरामशीन संचालक द्वारा कोचियोंके माध्यम से गाँव गाँव मे लकड़ी कटाई का काम कर रहे है। किसानों के खेत के मेड स्थित कौहा को सस्ता दाम में खरीदकर काटा जा रहा है। छाटा में नरवा में स्थित कौहा व स्टॉप डेम में स्थित कौहा को काट दिया। खबर लगते ही सरपंच एकेश्वरी सोहन साहू , कोटवार व ग्रामीणों के साथ मौके पर जॉकर लकड़ी कटाई बन्द कराया। जैसे ही सरपंच व ग्रामीण वापस आये उसके बाद सरकारी जमीन की कटाई शुरू हो गई। इसके बाद फिर सरपंच ने पटवारी को इसकीं सूचना दी और पटवारी के साथ मौके पर पहुंचे। तब लकड़ी कांटने वाले का सरपंच के साथ विवाद भी हुआ। बताया जाता है कि लकड़ी काटने वाले दबंगई करने लगे। तब लकड़ी काटने वाले मशीन व 3 नग टंगिया को जप्त कर एसडीएम पाटन को जानकारी दे दिया ह। इसके बाद अब एसडीएम पाटन बड़ी कार्रवाई करने वाले है। मंगलवार को नोटिस दिया जाएगा। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।

*मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट पर लकड़ी माफियाओं का जहर*

प्रदेश सरकार के मुखिया भूपेश बघेल का ड्रीम प्रोजेक्ट नरूवा गरुवा घुरवा बारी योजना अभी जोरो से चल रही है। नरूवा योजना का शुरुआत में ही छाटा सांतरा नाला में मनरेगॉ के तहत काम हुआ है। पर्यावरण का नुकसान न हो इसके लिए नरूवा में स्थित बड़े बड़े कौहा के पेड़ो को नही काटा गया था । लेकिन इस पेड़ो पर लकड़ी काटने वाले माफियाओं की की नजर चली गई। और एक ही दिन में धड़ल्ले से लकड़ी काटने का काम शुरू कर दिया।

*इसी नाला का काम देखने आते है राज्य के अधिकारी*
जिस नाला में स्थित पेड़ो की अवैध कटाई की गई है उसी नाला में हुवे काम को देखने राज्य स्तर के अधिकारी कई बार आ चुके है । जब वर्तमान मुख्यमंत्री श्री बघेल करीब 20 साल पहले तत्कालिक राजस्व मंत्री थे तब छाटा सांतरा नाला में राजीव गांधी जलग्रहण मिशन के तहत काम हुआ था। नाला में स्टाफ डेम, नाला बंधान, चेक डेम, जाली तार चेक डेम सहित जल संग्रहण के लिए बहुत कार्य किया था यही कारण है कि आज भी इस नाला के आसपास के किसानो का खेतो में लगे मोटर पम्प में पर्याप्त पानी है। और किसान दो फसल भी लेते है। लेकिन अब लकड़ी माफियाओं के कारण इस नाला का अस्तित्व ही कही समाप्त न हो जाये।