

कोंडागांव/विश्रामपुरी । पूरे प्रदेश भर में बीते 21दिनों से छत्तीसगढ़ मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर अपने 2 सूत्रीय मांग नियमितीकरण एवं रोजगार सहायकों का वेतनमान निर्धारित करना तथा मनरेगा कर्मियों पर सिविल सेवा नियम 1966 के साथ पंचायत कर्मी नियमावली लागू करने को लेकर हड़ताल पर डटे हुए हैं। 21 दिनों तक चलने वाली अनिश्चितकालीन हड़ताल से जहां ग्राम पंचायतों में कामकाज ठप पड़ा हुआ है वही राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के तहत कार्य करने वाले मजदूरों को मजदूरी नहीं मिलने से उनका हाल बेहाल है, क्योंकि मनरेगा कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से मजदूरों के खाते में पैसा आना बंद हो गया। जिससे मजदूरों का गुजर बसर करना मुश्किल सा हो गया है वहीं काम का अभाव होने से मजदूर अन्य क्षेत्र में पलायन करने को विवश हो रहें है, जहाँ मनरेगा के कर्मचारियों के हड़ताल से मजदूरों के मांग पत्र, मस्टररोल, तथा कार्यों का मूल्यांकन नहीं होने से जहाँ मजदूरों के साथ साथ पंचायतों की मुश्किलें बढ़ गई। क्योंकि इस हड़ताल में रोजगार सहायक, तकनीकी सहायक एवं






