अंतर्राष्ट्रीय सर्प दिवस के उपलक्ष्य में नंदनवन जंगल सफारी द्वारा जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन



अंतर्राष्ट्रीय सर्प दिवस के उपलक्ष्य में नंदनवन जंगल सफारी, नवा रायपुर द्वारा साँपों के संरक्षण और उनके प्रति समाज में सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने हेतु महत्त्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों का उद्देश्य नागरिकों, विद्यार्थियों एवं विभागीय अधिकारियों में साँपों के पारिस्थितिकीय महत्व, उनके व्यवहार, उनसे जुड़ी भ्रांतियों और उनसे जुड़े वन्यजीव कानूनों की जानकारी प्रदान करना रहा।

पुलिस अधिकारियों के क्षमता वर्धन हेतु सर्प संरक्षण एवं वन्यजीव कानून कि कार्यशाला

कार्यशाला में नोवा नेचर संस्था से सर्प विशेषज्ञ श विवेक शर्मा एवं नोवा टीम द्वारा अधिकारियों को साँपों की मूलभूत पहचान, विषैले और गैर विषैले प्रजातियों में अंतर, साँपों से जुड़े भ्रम, काटने की परिस्थिति में बचाव के उपाय एवं प्राथमिक उपचार के तरीकों की जानकारी दी गई। साथ ही, भारत के वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत साँपों से जुड़े प्रावधानों की व्याख्या कि गई । इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय कर्मियों को फील्ड स्तर पर साँपों से जुड़ी घटनाओं को संभालने के लिए तैयार करना तथा उनके अंदर वन्यजीवों के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना रहा।

प्रकृति दर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक भ्रमण और सर्प जागरूकता सत्र

पीएम   श्री केंद्रीय विद्यालय, नवा रायपुर के विद्यार्थियों के लिए जंगल सफारी और चिड़ियाघर का शैक्षणिक भ्रमण आयोजित किया गया। भ्रमण के दौरान प्रशिक्षित गाइडों द्वारा विद्यार्थियों को विभिन्न वन्यजीव प्रजातियों की जानकारी दी गई, साथ ही जैव विविधता में इन प्राणियों की क्या भूमिका है और इन्हें संरक्षित रखना क्यों आवश्यक है इन विषयों पर भी प्रकाश डाला गया। भ्रमण के समापन पर नोवा नेचर संस्था की टीम द्वारा विद्यार्थियों को साँपों की पहचान, उनके पारिस्थितिकीय योगदान और मानव-साँप सह-अस्तित्व के बारे में जानकारी दी गई|

इस अवसर पर नंदनवन जंगल सफारी के संचालक सह वनमंडलाधिकारी  तेजस शेखर कहा कि, “साँप हमारे पर्यावरण और पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उनके संरक्षण को लेकर जागरूकता आवश्यक है, जिससे हम सभी प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर आगे बढ़ सकें। नंदनवन जंगल सफारी का प्रयास है कि जनसामान्य विशेषकर छात्र-छात्राओं में वन्यजीवों के प्रति समझ और संवेदनशीलता विकसित हो, और वे साँपों जैसे वन्यजीवों के महत्व को सही रूप में समझ पाए।”

नंदनवन जंगल सफारी द्वारा समय-समय पर इस प्रकार की शैक्षणिक और जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जाती रही हैं, जिससे वन्यजीव संरक्षण, प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा मिल सके।