पंडरिया । ब्लाक के कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय दुल्लापुर बाजार में शुक्रवार को विश्व हिंदी दिवस मनाया गया।इस दिवस पर विविध कार्यक्रम का आयोजन किया गया।जिसमें बालिकाओं ने कबीर के दोहे और रहिम के दोहे एवं हिंदी के महत्ता को बताते हुए गीत कविता के रूप में प्रस्तुत किया। कक्षा 8वी की लकेश्वरी, कुशराम ,प्रीति पुषाम,नेहा बंजारे के द्वारा हिंदी की महत्ता बताते हुए गीत प्रस्तुत किया गया।
उमा भास्कर द्वारा कबीर के दोहे और रहिमन के दोहे,को बोलकर समझाया गया।

सुमित्रा द्वारा कविता कहा गया ,उक्त अवसर पर
अधीक्षिका कामिनी जोशी द्वारा बताया गया कि हमारे जीवन में हिंदी का बहुत महत्वपूर्ण स्थान है जिस प्रकार एक बिंदी के बिना एक औरत की सुंदरता का कोई मोल नहीं इस प्रकार हिंदी के बिना हमारे इस भारत का कोई मोल नहीं है।
हिंदी केवल एक भाषा नहीं है, बल्कि यह हमारे अस्तित्व का एक अभिन्न हिस्सा है। यह हमारे विचारों, भावनाओं और संस्कारों का माध्यम है।
लेखनी के इस साधन के द्वारा हम अपनी भावनाओं को बेहतर ढंग से व्यक्त कर सकते हैं। जब हम हिंदी में बात करते हैं, तो यह न केवल हमें अपने लोगों के करीब लाता है, बल्कि हमारी पहचान को भी रेखांकित करता है।
जब हम हिंदी भाषा की बात करते हैं, तो हमें उसके गहरे इतिहास और सांस्कृतिक महत्व को भी समझना चाहिए। हिंदी ने कई महान लेखकों, कवियों और विचारकों को जन्म दिया है जिन्होंने न केवल हिंदी को समृद्ध किया, बल्कि उसके माध्यम से समाज को जागरूक भी किया। उनके लेखन ने हमें प्रेरणा दी है और हमारी सोच में नया दृष्टिकोण लाया है।
10 जनवरी को हम विश्व हिंदी दिवस मनाते हैं, ताकि हम अपनी भाषा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से जागृत कर सकें। यह दिवस हमें यह याद दिलाता है कि हमें अपनी भाषा का सम्मान करना चाहिए और इसे आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। हमें चाहिए कि हम हिंदी भाषा को सरल और सुलभ बनाएं, ताकि हर व्यक्ति इसे सीख सके और उपयोग कर सके।
इस अवसर पर, हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम हिंदी को न केवल एक बोली के रूप में, बल्कि एक साहित्यिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में भी समझें।
हमें अपने बच्चों को हिंदी के महत्व के बारे में शिक्षित करना चाहिए और उनकी रुचि को प्रोत्साहित करना चाहिए। इसी एकता और सहयोग के साथ, हम अपनी भाषा को आगे बढ़ा सकते हैं।
हम सभी मिलकर हिंदी दिवस को मनाएं और अपने भीतर एक नई प्रेरणा जगाएं। हर एक कदम जो हम हिंदी की ओर बढ़ाते हैं, वह हमारे देश की सांस्कृतिक धरोहर को समृद्ध बनाने में सहायक होगा इस अवसर पर सभी स्टाफ उपस्थित थे।






