कृषि महाविद्यालय मर्रा में मनाया गया विश्व मृदा दिवस…..मिट्टी को उर्वरक बनाये रखने के लिये किसान,रसायनिक खाद का उपयोग कम से कम करें : डॉ.अजय वर्मा

पाटन। भारत रत्न संत विनोबा भावे कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र मर्रा पाटन में आज विश्व मृदा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना के तत्वाधान में विश्व मृदा दिवस मनाया गया!
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अधिष्ठाता डॉ.अजय वर्मा रहे। उन्होंने कहा कि मृदा परीक्षण उपरांत ही उर्वरकों का प्रयोग खेतों में करना चाहिए। किसानों के अंधाधुंध उर्वरकों के उपयोग से बचना चाहिए और संतुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करना चाहिए, ताकि धन एवं मृदा की बर्बादी रुक सके।


आगे डॉ.वर्मा ने बताया की मृदा की उर्वरा शक्ति को बचाए रखने जैविक खाद के उपयोग करने की सलाह दी। अधिक से अधिक मात्रा में कार्बनिक खाद का उपयोग कर जैविक खेती की ओर बढ़ने की सलाह दिए! साथ ही टपक सिंचाई से घुलनशील उर्वरकों का प्रयोग सब्जियों व फलों की खेती में करना चाहिए, ताकि भूमि में अधिक उर्वरकों के प्रभाव से होने वाले मृदा प्रदूषण को रोका जा सके और भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे।
कार्यक्रम में डॉ.नियती पाण्डेय तथा डॉ.तृप्ति ठाकुर ने भी संबोधित किया।


कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के प्रभारी डॉ. आशीष तिवारी ने किया!
इस अवसर पर प्रमुख रूप से डॉ.सी.आर.नेताम,डॉ.नीतू स्वर्णकार,डॉ.रेवेन्द्र कुमार साहू,श्रीमती मैरी सुचिता खलखो,डॉ.किरण कुमार नागराज ,डॉ.पूनम कुमारी,डॉ. रैना बाजपेई,डॉ.मंजू ध्रुव, डॉ. विनीता झोड़ापे,श्री प्रवीण कुमार,  हेमंत कुमार साहू,श्री तरुण चंद्राकर, श्रीमती गीतिका पियूष, श्रीमती खिलेश्वरी साहू,सूरेश लोखंडे सहित महाविद्यालय के अधिकारी, कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे!