खुशियों की रोशनी लेकर वनांचल पहुंचे युवा, बच्चों के बीच बांटी दीपावली की खुशियां

पंडरिया।दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक खुशियों की रोशनी पहुंचाने और सेवा, सहयोग एवं समरसता की भावना को आत्मसात करने का भी पर्व है।
इस सेवा कार्य का नेतृत्व कर रहे तुषार चंद्रवंशी ने बताया कि दीपावली केवल अपने घरों को रोशन करने का पर्व नहीं है, बल्कि समाज के उन लोगों के बीच खुशियां बांटने का अवसर भी है, जिन्हें त्योहारों के दौरान विशेष सहयोग और अपनत्व की आवश्यकता होती है।

इसी भावना को ध्यान में रखते हुए युवाओं की टीम ने वनांचल क्षेत्र में पहुंचकर बच्चों एवं परिवारों के साथ दीपावली मनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि समाज का कोई भी वर्ग त्योहार की खुशियों से वंचित न रहे। युवाओं की छोटी-सी पहल यदि किसी के चेहरे पर मुस्कान ला सके, तो इससे बड़ी संतुष्टि और कोई नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भी युवाओं की टीम सामाजिक सेवा, जनकल्याण और जरूरतमंदों के सहयोग के लिए निरंतर सक्रिय रहेगी।
इसी उद्देश्य को लेकर दीपावली के पावन अवसर पर युवाओं की टोली द्वारा वनांचल क्षेत्र में सेवा कार्य किया गया। इस दौरान वनांचल के बच्चों एवं परिवारों के बीच दीप, मिठाई और पटाखों का वितरण कर उनके साथ दीपावली की खुशियां साझा की गईं।
इस सेवा कार्य के अंतर्गत युवा वनांचल क्षेत्र में पहुंचे और वहां के बच्चों एवं परिवारों के बीच दीपावली का उत्साह बांटा। दीप, मिठाई एवं पटाखे पाकर बच्चों के चेहरों पर विशेष उत्साह और खुशी देखने को मिली। युवाओं ने बच्चों के साथ समय बिताया तथा उन्हें दीपावली पर्व की शुभकामनाएं देते हुए आपसी प्रेम, भाईचारे और सद्भाव का संदेश दिया।

युवाओं की इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन परिवारों और बच्चों तक त्योहार की खुशियां पहुंचाना था, जहां संसाधनों की कमी के कारण दीपावली का उत्साह सीमित रह जाता है। युवाओं ने अपनी छोटी-सी पहल के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया कि समाज में खुशियां बांटने के लिए बड़े संसाधनों की नहीं, बल्कि एक संवेदनशील हृदय और सेवा के संकल्प की आवश्यकता होती है।
इस अवसर पर युवाओं ने कहा कि विद्यार्थी जीवन और युवावस्था केवल अपने भविष्य के निर्माण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए जरूरतमंदों के बीच पहुंचकर उनके सुख-दुख में सहभागी बनना भी आवश्यक है। त्योहारों की सार्थकता तभी है, जब उनकी खुशियां समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
युवाओं ने आगे भी इसी प्रकार सामाजिक, रचनात्मक एवं सेवाभावी गतिविधियों के माध्यम से समाज के बीच सकारात्मक वातावरण बनाने और जरूरतमंदों के सहयोग के लिए निरंतर कार्य करते रहने का संकल्प व्यक्त किया। इस कार्य में प्रमुख रूप से तुषार चंद्रवंशी, पार्षद कन्हैया चंद्रवंशी टेकचंद वर्मा, मनचंद टंडन, भागवत चंद्रवंशी और प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे