नए विचार, नई राह : विद्यार्थियों के नवाचारों को पंख देगा ‘सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026’…विजेता नवाचार को ₹10 लाख; 17 अक्टूबर  तक करें आवेदन

दुर्ग। आज का युवा तकनीक, डिज़ाइन और नए विचारों के सहारे रोज़मर्रा के कामों को आसान, किफ़ायती और बेहतर बना सकता है। फसल को खेत से बाज़ार तक सुरक्षित रखने का नया तरीका, प्लास्टिक कचरे से उपयोगी उत्पाद, या पढ़ाई को स्थानीय भाषा में सरल बनाने वाला ऐप हर क्षेत्र में नवाचार की गुंजाइश है। सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 युवाओं को अपने आसपास की चुनौतियों को पहचानने और उनके लिए नए, व्यावहारिक एवं नवाचारी समाधान विकसित करने के लिए प्रेरित करता है।


विश्वविद्यालय, महाविद्यालय, विद्यालय, पॉलिटेक्निक एवं आईटीआई के विद्यार्थी इसमें अकेले अथवा अपने साथियों के साथ टीम बनाकर भाग ले सकते हैं। आवेदक अथवा टीम के किसी एक सदस्य के पास छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। किसी कंपनी या स्टार्टअप का पंजीयन आवश्यक नहीं है। यदि अभी केवल विचार है और प्रोटोटाइप नहीं बना है, तब भी आवेदन किया जा सकता है।


चैलेंज की विशेषता यह है कि प्रत्येक क्षेत्र (सेक्टर) में एक पुरस्कार केवल 21 वर्ष से कम आयु के प्रतिभागियों के लिए आरक्षित है। प्रत्येक विजेता को ₹10 लाख की राशि दी जाएगी। प्रत्येक क्षेत्र में कुल पाँच विजेता होंगे -तीन सामान्य, एक महिला तथा एक 21 वर्ष से कम आयु श्रेणी से। कुल पुरस्कार राशि ₹5 करोड़ है।


आवेदन पोर्टल sevainnovationchallenge.in पर मोबाइल ओटीपी से पंजीयन कर किया जा सकता है। आवेदन में समस्या, उसका समाधान और विचार की वर्तमान स्थिति बतानी होगी। साथ में मूल निवास प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, टीम का विवरण और छह स्लाइड की पीडीएफ प्रस्तुति (शीर्षक, समस्या, समाधान, व्यवहार्यता, प्रभाव, टीम; अधिकतम 10 एमबी) अपलोड करनी होगी। एक विचार केवल एक बार भेजा जा सकेगा।
आवेदन 23 सितंबर 2026 से प्रारंभ हैं। अंतिम तिथि 17 अक्टूबर 2026, रात्रि 11:59 बजे है। विद्यार्थी अपने आसपास की किसी एक चुनौती पर ऐसा विचार दर्ज कर सकते हैं जो पहले से उपलब्ध तरीकों से नया और अलग हो, क्योंकि मूल्यांकन में नवाचार और नवीनता को विशेष महत्व दिया जाएगा।